राजधानी लखनऊ के आशियाना स्थित बंगला बाजार में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने दो दिन की गहन पूछताछ के बाद तीसरे दिन आरोपी बेटे अक्षत को जेल भेज दिया। पूछताछ के दौरान अक्षत ने सिलसिलेवार तरीके से पूरी वारदात बयां की—कैसे विवाद बढ़ा, क्यों उसने हत्या की, शव के टुकड़े क्यों किए और नीला ड्रम खरीदने के बावजूद उसमें पूरा शव क्यों नहीं ले जा सका।
‘19 फरवरी की रात नशे में थे पापा, राइफल तान दी थी’
जेल भेजे जाने से पहले अक्षत ने आशियाना थाने में पुलिस को बताया कि 19 फरवरी की रात विवाद के दौरान उसके पिता नशे में थे। गाली-गलौज और मारपीट के बाद उन्होंने जान से मारने की नीयत से राइफल तान दी थी। किसी तरह उसने और उसकी बहन ने उन्हें शांत कराया। बाद में पिता बेड पर राइफल रखकर सो गए।
अक्षत के मुताबिक वह पूरी रात जागता रहा। उसने बताया कि पिता के व्यवहार को लेकर उसके मन में पहले से आक्रोश था और वह मां की मौत के लिए भी उन्हें जिम्मेदार मानता था। तड़के उसने राइफल उठाई और गोली मार दी। वारदात के बाद वह रोने लगा और कहा—“सॉरी, गलती हो गई।” उसने यह भी कहा कि हत्या में उसकी बहन या किसी अन्य का कोई दोष नहीं है।
नीट की तैयारी को लेकर था दबाव, अक्सर होती थी मारपीट
एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल ने बताया कि इंस्पेक्टर आशियाना छत्रपाल सिंह और पुलिस टीम ने कई बार पूछताछ की। अक्षत ने बताया कि उसके पिता उस पर नीट की तैयारी का दबाव बना रहे थे, जबकि उसका पढ़ाई में मन नहीं लगता था। इसी बात को लेकर अक्सर विवाद और मारपीट होती थी।
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद उसने अपनी बहन कृति को डरा-धमकाकर कमरे में बंद कर दिया था।
ब्लिंकिट से मंगाए चाकू, आरी और ड्रम खरीदकर किए शव के टुकड़े
पिता की हत्या के बाद अक्षत ने ब्लिंकिट से ऑनलाइन दो चाकू मंगवाए। 20 फरवरी को जब बहन परीक्षा देने गई, तब वह घर से निकला और आरी व नीला ड्रम खरीद लाया। उसने पिता के हाथ-पैर काटे, धड़ को ड्रम में रखा और कटे हुए अंग एक बैग में भरकर कार में रख दिए।
इसके बाद वह खून से सने कपड़े और अन्य सामान सदरौना नहर के पास झाड़ियों में छिपा आया। पुलिस ने शरीर के कटे हुए अंग बरामद कर लिए हैं।
क्यों नहीं ले जा सका नीले ड्रम में पूरा शव?
पुलिस के मुताबिक, अक्षत की योजना ड्रम समेत धड़ को सदरौना नहर में फेंकने की थी। लेकिन ड्रम कार में फिट नहीं हो सका। इसी कारण उसने शव के टुकड़े अलग-अलग कर ठिकाने लगाने की कोशिश की। इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह के अनुसार, मामले में मानवेंद्र के भाई से भी पूछताछ की जाएगी।
शव के छह टुकड़े, बैकुंठ धाम में अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद बुधवार सुबह मानवेंद्र का शव बंगला बाजार स्थित घर लाया गया, जहां बड़ी संख्या में परिजन और रिश्तेदार मौजूद रहे। बाद में अंतिम यात्रा निकालकर शव को बैकुंठ धाम ले जाया गया, जहां भतीजे कृत प्रताप सिंह ने मुखाग्नि दी। परिवार की परंपरा के अनुसार पिता अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए।
जेल जाने से पहले बहन से कहा—‘अपना ख्याल रखना’
जेल रवाना होने से पहले अक्षत ने पुलिस से बहन से मिलने की इच्छा जताई। परीक्षा देकर लौटी बहन को आशियाना थाने बुलाया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों की मुलाकात कराई। अक्षत ने बहन से कहा—“अपना ख्याल रखना।”
यह सामान हुआ बरामद
पुलिस ने एक राइफल, तीन खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, कारतूस की पेटी, खून से सना सूती कपड़ा, दो आरी ब्लेड, नीला ड्रम, दो चाकू, खून लगी रजाई, एक कालीन, दो चादर, कपड़ों की पोटली और बुलेट का टुकड़ा बरामद किया है।
